आज रात्रि में बैठेगी मानसी की बम काली, कल रात्रि में हो जायेगा विसर्जन, तैयारी हुआ पुरा


सिकन्दर आजाद वक्त
की रिपोर्ट
खगड़िया। वर्षों से चले आ रहे परंपरा के अनुसार मानसी की बमकाली का अपना एक अलग पहचान है। दीपावली की रात्रि में जहाँ बम काली को पुजा अर्चना के साथ स्थापित किया जाता है, वहीं अगले रात्रि में ही बम काली को विसर्जन कर दिया जाता है।इस दौरान मात्र 15 घंटो के लिए ही मेला का आयोजन किया जाता। इस बार भी आयोजकों द्वारा बम काली मेला को लेकर पुरी तैयारी कर लिया गया। बताया जाता है बम काली सभी भक्तों के श्रद्धा भाव के अनुसार मनोकामनाएं पुर्ण करती है। आयोजकों के अनुसार बम काली को मानसी के एक चौरसिया परिवार द्वारा कलकत्ता से मिट्टी लाकर स्थापित किया गया है, तबसे आज तक मानसी में बम काली की पुजा अर्चना किया जा रहा है। आज भी मानसी के शंभू चौरसिया के परिवार के सदस्य या उनके पुत्र द्वारा बम काली की प्रथम पुजा अर्चना की जाती है। तभी जाके पुजा को सार्थक माना जाता है। एक तरफ जहाँ बम काली दीपावली के अर्धरात्रि में स्थापित कर दिया जाता है तो वहीं दुसरी तरफ अगले ही दिन दस बजे रात्रि के पहले माँ बम काली को मंदिर परिसर से बाहर निकालकर विसर्जन कर दिया जाता है। सबसे पुरानी परंपरा के अनुसार जहाँ माँ बम काली का पुजा अर्चना की शुरुआत चौरसिया परिवार के द्वारा की जाती है तो वहीं बम काली का विसर्जन चन्द्रवंशी ( कहार) सामाज के लोगों द्वारा कंधे पर रखकर गंगा नदी में विसर्जन किया जाता है। मेला आयोजक मंडल के सचिव पंकज परमहंस, एवं धीरज कुमार सिंह ने बताया की आज नौ बजे रात्रि बम काली का कलश भराई मानसी गंगा नदी के तट से किया जायेगा। जहाँ बारह बजे रात्रि में मां बम काली को स्थापित किया जायेगा। इधर मानसी में भी दो दिवसीय रक्त काली मेला को लेकर तैयारी पुरा कर लिया गया है, जबकि पश्चिमी ठाठा पंचायत के व्यख्तियारपुर गाँव में एवं घरारी मानसी में भी दो दिवसीय मेला को लेकर आयोजकों द्वारा तैयारी पुरा कर लिया गया है। जबकि खगड़िया प्रखण्ड के बगडु गाँव में काली मेला को लेकर तैयारी पुरा कर लिया गया। खगड़िया के सन्हौली, एवं संसारपुर रांको गाँव में भी मेला का आयोजन किया जा रहा है।







































