छठीं पुण्यतिथि पर याद किये गये सुशीला देवी, वक्ताओं ने कहा कुशल नेत्री के साथ कुशल गृहणी थी 

 

माँ की ममता का कोई जोर नहीं, माँ आज भी मेरे लिए भगवान स्वरूप है – डा० सलील कुमार

 

 

ब्यूरो रिपोर्ट

खगड़िया। मानसी के मां कत्यानी पैट्रोल पम्प परिसर में पुर्व जिला परिषद अध्यक्ष भाजपा नेत्री सामाजिक कार्यकर्ता डा० सलील कुमार की माता सुशीला देवी का छठीं पुण्यतिथि धुमधाम से मनाया गया। पुण्यतिथि के अवसर पर उपस्थित खगड़िया सदर विधायक छत्रपति यादव, जिला भाजपा अध्यक्ष शत्रुघ्न भगत, भाजपा मंडल मानसी अध्यक्ष राजाराम सिंह, वयोवृद्ध समाजसेवी छत्रधारी राम, भाजपा नेता राम सुभाग सिंह,जिला भाजपा युवा महामंत्री रमेशचन्द्र प्रजापति, पश्चिमी ठाठा पंचायत के सरपंच मनोज कुमार, मुखिया प्रतिनिधि ओम जी यादव,उपमुखिया राकेश कुमार, पुर्वी ठाठा मुखिया प्रतिनिधि सुजीत कुमार,पुर्व उपमुखिया पवन कुमार पासवान, भाजपा नेता प्रो० अरविंद कुमार सिंह, सैदपुर मुखिया विजेंद्र यादव, भाजपा नेता इंनजिनियर धर्मेन्द्र कुमार, सुशांत यादव,स्वतंत्र वरिष्ठ पत्रकार चन्द्रशेखरन, फुल चन्द पटेल, राजेश यादव, शिक्षक संजय कुमार, गगन शर्मा,सामाजिक कार्यकर्ता सुमन पटेल, शिक्षक नेता मनीष कुमार सिंह, सुषमा कुमारी, जयंती पटेल, पत्रकार अरुण कुमार वर्मा, सिकन्दर आजाद, पुर्व मुखिया नरेश सहनी, भाजपा जिला महामंत्री जितेंद्र यादव,भाजपा मिडिया प्रवक्ता मनीष कुमार,पुर्व सरपंच चकहुसैनी मुकेश यादव,सहित सैकड़ों जिले के गणमान्य लोगों ने सुशीला देवी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।वहीं श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित वक्ताओं ने सुशीला देवी को कुशल नेत्री के साथ कुशल गृहणी बताया। इधर भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता सुशीला देवी के छोटा पुत्र डा० सलील कुमार ने सभी गणमान्य लोगों का स्वागत अभिनंदन करते हुए कहा की मां की ममता का कोई जोर नहीं होता है। माँ मां होती है, भगवान् भी उनके सामने फिका पड़ जाते हैं। सलील ने कहा की मेरे जीवन का अभिन्न अंग थी मेरी माँ। वो भले ही इस दुनिया में नहीं है मगर आज भी हमारे बीच उपस्थित रहती है ओर हमें मार्गदर्शन करती है। सलील ने अपनी माँ की बातों का श्रद्धांजलि सभा में शेयर करते हुए कहा की मां कहा करती थी की मानव लक्षमी का स्वरूप होता है। माँ मेरे लिए आज भी भगवान् है। वहीं मंच संचालन सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार सिकन्दर आजाद वक्त ने किया।

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