
नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी के ठिकानों पर निगरानी की छापामारी, आय से अधिक सम्पत्ति

ब्यूरो रिपोर्ट
समस्तीपुर। एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए समस्तीपुर जिले के रोसड़ा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) उपेंद्र नाथ वर्मा के पटना और रोसड़ा स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर भाड़ी मात्रा में कैश बरामद किया है। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में की गई है, जिससे प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गया है ।निगरानी ब्यूरो ने 25 नवंबर 2025 को श्री वर्मा के विरुद्ध निगरानी थाना कांड संख्या 099/2025 दर्ज किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए लगभग 1,16,90,319 रुपये (एक करोड़ सोलह लाख नब्बे हजार तीन सौ उन्नीस रुपये) की अवैध संपत्ति अर्जित की है। ब्यूरो के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, यह अर्जित राशि उनकी कुल ज्ञात वैध आय के स्रोतों से करीब 86.3 प्रतिशत अधिक पाई गई है ।इधर माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद ब्यूरो ने कार्रवाई के लिए दो अलग-अलग तलाशी दलों का गठन कर छापामारी शुरू किया। टीम ने उपेंद्र नाथ वर्मा के पटना के राजीवनगर (आशियाना फेज-2) स्थित निजी आवास और समस्तीपुर के रोसड़ा स्थित उनके कार्यालय एवं सरकारी आवास पर छापामारी किया। छापेमारी के दौरान ब्यूरो के पुलिस पदाधिकारियों ने आवास और कार्यालय में मौजूददस्तावेजों की गहन तलाशी ली गई।जिसमें कई दस्तावेज एवं नगद कैश बरामद किया गया। तलाशी अभियान के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी के ठिकानों से भारी मात्रा में चल और अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है। बरामदगी में 10,50,600 रुपये नकद और 27,30,297 रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण शामिल हैं। इसके अलावा, जमीन के कुल 14 डीड (दस्तावेज) मिले हैं, जिनमें से 3 डीड एफआईआर दर्ज होने के बाद अतिरिक्त रूप से पता चला है। टीम को मौके से एक इनोवा और एक स्विफ्ट डिजायर कार के साथ-साथ विभिन्न बीमा कंपनियों में निवेश के कागजात और बैंक पासबुक भी हाथ लगे हैं । निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा बरामद किए गए सभी दस्तावेजों, निवेश के कागजों और संपत्तियों का बारीक विश्लेषण किया जा रहा है। तलाशी और अनुसंधान का कार्य अभी जारी है।





































