प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के संरक्षण में चल रहा अवैध था जांच घर, सीएस ने कहा पुछा जाय जायेगा स्पष्टीकरण

डयूटी छोड़ लैब में पाये गये प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

खगड़िया में अवैध अल्ट्रासाउंड एवं चलता है लैब एवं नर्सिंग होम, सीएस ने लैब को बंद करने कहा
वायोकैम जांच घर, मीनू नर्सिंग होम, सावित्री हेल्थ कैयर की हुई जांच
ब्यूरो रिपोर्ट
खगड़िया। खगड़िया में भष्ट्राचार चरम सीमा पर है, एक तरफ जहाँ सुशासन की सरकार बड़े बड़े दावे करते नजर आ रहे हैं वहीं खगड़िया जिला प्रशासन के नाक तले भष्ट्राचार ओर अवैध कारोबारी जारी है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहाँ अवैध तरीके से लैब चलाये जा रहे हैं ओर इसका संरक्षण स्वास्थ्य विभाग के सरकारी महकमें चला रहे हैं। डीएम के द्वारा गठित जिला निगरानी टीम ने जब खगड़िया के एक प्राइवेट लैब( जांच घर) वायोकैम जांच घर खगड़िया को जांच करने पहुंचा तो जिला के टीम दांत तले अगुंली दवा लिया, डयूटी छोड़ प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अपनी सेवा लैब में देने पहुंच गये वो भी अलौली सीएससी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा० मनीष कुमार। जो अपने डयूटी छोड़कर लैब में पड़े थे। हलांकि जांच टीम को डा० मनीष कुमार बड़गलाने का बहुत कोशिश किया, मगर लैब में मौजूद कर्मी ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की सारी पोल खोलकर रख दिया। इधर जांच टीम में पहुंचे खगड़िया के सिविल सर्जन डा० रामनारायण चौधरी ने भी दृश्य को देखकर हैरेत अंगेज थे, पत्रकार को पुछे जाने पर सिविल सर्जन ने डा० मनीष कुमार पर स्पष्टीकरण पुछने का बात कहा, वहीं लैब को सील कर दिया गया एवं 21 दिनों के अंदर लैब के कर्मियों को कागजात उपस्थित करने को कहा। डा० मनीष कुमार से जब पुछा गया तो उन्होनें कहा की लैब किसी काम से आये थे। परन्तु लैब जांच घर के बोर्ड पर डा० मनीष कुमार लिखा हुआ पाया गया ओर लैब कर्मी ने भी लैब चलाने में डा० मनीष की बात स्वीकार किया। हलांकि यह सब खेल सिर्फ कागजी खानापूर्ति जैसा लग रहा था।बतातें चले की जिले में दर्जनों ऐसे अवैध लैब ओर अल्ट्रासाउंड जांचघर, नर्सिंग होम चल रहा है जहाँ स्वास्थ्य विभाग ओर जिला प्रशासन को सब कुछ पता रहते हुए भी चुप्पी साधे रहता है।
































