शक्तिपीठ स्थल माॅं कत्यायनी मंदिर का होगा जिर्णोधार एवं सौन्दर्यीकरण, सरकार ने 10 करोड़ की दी स्वीकृति- उपमुख्यमंत्री

 

सिकन्दर आजाद वक्त

की रिपोर्ट

पटना/ खगड़िया। कोशी क्षेत्र का ऐताहासिक 52 शक्तिपीठों में सिद्धपीठ स्थल धमहराघाट स्टेशन समीप कोशी नदी के गोद में अवस्थित माॅं कत्यायनी मंदिर का जिर्णोधार एवं सौन्दर्यीकरण 10 करोड़ रुपये की लागत से किया जायेगा।उक्त बातें बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा। चौधरी ने कहा की मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का जिर्णोधार करने का निर्णय लिया, जिसमें कोशी क्षेत्र के शक्तिपीठ खगड़िया का गौरव धमहराघाट स्टेशन स्थित माॅं कत्यायनी मंदिर का भी सौन्दर्यीकरण एवं जिर्णोधार करने का निर्णय मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने लिया है, चौधरी ने कहा की मुख्यमंत्री ने सौन्दर्यीकरण एवं जिर्णोधार करने को लेकर 10 करोड़ रुपये आवंटित किया है। इससे ना की मंदिर की खुबसुरती बढ़ेगी बल्कि पर्यटन का भी वढ़ावा मिलेगा। आपको बतातें चलें की सरकार ने मॉं कत्यानी मंदिर को पहले ही पर्यटन स्थल घोषित कर चुकी है। उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री के फैसले को ऐतिहासिक कदम बताया। गौरतलब हो की मॉं कत्यायनी मंदिर मानसी सहरसा के खगड़िया जिला के धमहराघाट घाट स्टेशन के महज कुछ ही दुरी पर स्थित है। बताया गया की यह शक्ति पीठ 52 शक्ति पीठों में से एक पीठ है जहाँ माॅं पार्वती की हाथों की पुजा की जाती है। यहाँ हर सोमवार एवं शुक्रवार को मेला लगता है ओर बड़ी संख्या में दुर दुर के भक्तजन आते हैं ओर पुजा अर्चना करते हैं, यहाँ पर माॅं को फुल पान प्रसाद के अलावे मुख्य रूप से दुध का ढ़ार चढ़ाया जाता है। गौपालक यहाँ पर पहला दुध मॉं को समर्पित करते हैं। वहीं कई भक्तजनों अपनी मनोकामनाएं पुर्ण की कामना होने उपरांत चढ़ावा चढ़ाते हैं। इतना ही नहीं यहाँ पर मुख्य रूप से दही चुरा का भोग लगाया जाता है। हलांकि यह शक्ति पीठ पर्यटन स्थल हमेशा से उपेक्षित रहा है लेकिन हाल के दिनों में इसका विकास धीरे धीरे देखने को मिला है, वावजूद यहाँ राजनीति अखाड़े भी देखने को मिल जाता है, जिसके कारण मंदिर का जो विकास होना चाहिए वह नहीं हो पाता है। एक तो लोगों को मंदिर पहुंचने कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ता है, रेल सरकार की जमीन होने को लेकर आज- तक मंदिर परिसर तक सड़क नहीं बनाया गया है, ऊबर खाबर सहित पुलों से मंदिर तक जाने के टपना पड़ता है। हलांकि मानसी सहरसा तक बनाये जा रहे एन एच -95 सर्विस रोड का भी काम चल रहा है, इस सर्विस रोड को बन जाने से बेहद ही श्रद्धालुओं एवं आमजनों मंदिर एवं अन्य नेपाल जाने का भी काफी सहुलियत एवं सुविधा मिलेगा।

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