सुभाषचंद्र बोस किये गये याद, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता- रंजीत रमण

पुर्णिया। कैलाश सुशील नर्सिंग संस्थान &अजय हॉस्पिटल, गणेशपुर (परोरा )पूर्णिया के प्रांगण मे देश के महान स्वतंत्रता संग्राम के प्रेणेता नेता जी सुभाष चंद्र बोस को याद करते हुए उनके तैल्य चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर याद किया गया।
128 वीं जयंती पर संस्था के निदेशक रंजीत रमण ने संबंधित करते हुए कहा की सुभाषचंद्र बोस की स्वतंत्रता आन्दोलन में दिये गये योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा की बोस एक साहसी और स्वतंत्रता के प्रति अति उत्साहित नेता थे। सुभाष चंद्र बोस श्रीमद्भगवदगीता से गहराई से प्रेरित रहे थे, इसी कारण स्वतंत्रता, समानता, राष्ट्रभक्ति के लिए उनके संघर्ष को भुलाया नहीं जा सकता। अजय हॉस्पिटल के सुप्रीटेंड डॉ0 एस0 के0 सिन्हा ने अपने बक्तव्य मे कहा कि नेता जी देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई थी। साथ ही, नेताजी ने 1921 में महात्मा गांधी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे स्वतंत्रता आंदोलन में भी भाग लिया। इसके अलावा, इंग्लैंड से लौटने के बाद, नेताजी 1938 में कांग्रेस के अध्यक्ष बने और भारत की स्वतंत्रता की बहाली के लिए कई प्रयास किए।नेताजी के योगदान को सम्मानित करने के लिए, 2021 में सरकार ने यह घोषणा की कि 23 जनवरी को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। जो भारतीय स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते हुए उन्होंने जो साहस और प्रेरणा दिखाई, उसे याद करता है।मौके पर संस्थान के सभी शिक्षक, पूजा कुमारी, राघव कुमार, मोनिका टूड्डू, प्रियसी कुमारी, जयकान्त यादव, डॉ0 एस के सुमन, संस्थान के नोडल पदाधिकारी निरंजन कुमार, मनेजर विजय पासवान, निखख्त प्रवीन, मलिका हयात, ज्योति, स्वर्णलता सहित संस्थान के छात्र छात्राएं उपस्थित थे।








































